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वाद-विवाद प्रतियोगिता में मनोज, वैश्नवी और विनीता रहे विजेता।* *विषय: “आधुनिक समाज में एकल जीवन – वरदान या अभिशाप”*

Published on: 24 Apr 2026

*वाद-विवाद प्रतियोगिता में मनोज, वैश्नवी और विनीता रहे विजेता।*


*विषय: “आधुनिक समाज में एकल जीवन – वरदान या अभिशाप”*


इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर (रेवाड़ी) के प्रबंधन विभाग द्वारा एक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का विषय “आधुनिक समाज में एकल जीवन – वरदान या अभिशाप” रहा, जो वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक एवं विचारोत्तेजक विषय है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपने तार्किक, विश्लेषणात्मक एवं अभिव्यक्तिपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एकल जीवन के सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। कुछ विद्यार्थियों ने इसे स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता एवं व्यक्तिगत विकास का अवसर बताया, वहीं अन्य प्रतिभागियों ने इसे सामाजिक अलगाव, भावनात्मक दूरी एवं पारिवारिक मूल्यों में कमी के रूप में प्रस्तुत किया। इस प्रकार प्रतियोगिता ने एक संतुलित एवं गहन विमर्श को जन्म दिया।

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. ऋतु बजाज ने अपने संबोधन में कहा कि वाद-विवाद, समूह चर्चा एवं भाषण जैसी गतिविधियां MBA पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा हैं, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच, आत्मविश्वास एवं संप्रेषण कौशल का विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को समसामयिक मुद्दों पर अपनी सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

एमबीए प्रथम वर्ष के कक्षा समन्वयक डॉ. सुशांत यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में 40 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को For the Motion एवं Against the Motion दो वर्गों में विभाजित किया गया, जिससे विषय के दोनों पक्षों पर सार्थक चर्चा हो सकी। सभी प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुति देते हुए निर्णायकों को प्रभावित किया।

प्रतियोगिता के परिणामों में छात्र मनोज कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छात्रा वैश्नवी द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि छात्रा विनीता ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विभाग के अन्य अध्यापक—प्रो. समृद्धि, डॉ. भारती, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. देवेश अग्रवाल, डॉ. सुरेंद्र कुमार एवं डॉ. कंवर सिंह—भी उपस्थित रहे। सभी अध्यापकों ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए प्रतिभागियों के प्रयासों की प्रशंसा की तथा विजेताओं को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां विद्यार्थियों ने भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक एवं बौद्धिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।